ए मेरे वतन तुझपे अपनी जान लूटा दूँ और शान तिरंगे पे अपना खून बहा दूँ ये मुल्क मेरी जान, स्वाभिमान बता दूं ए मेरे वतन तुझपे अपनी जान लूटा द...
ए मेरे वतन तुझपे अपनी जान लूटा दूँ
और शान तिरंगे पे अपना खून बहा दूँ
ये मुल्क मेरी जान, स्वाभिमान बता दूं
ए मेरे वतन तुझपे अपनी जान लूटा दूँ
खुद को मिटा दूँ तुझपे तेरी आबरू रहे
झुकने ना दूँ तिरंगा, चाहे खून ये बहे
बहा दूँ खून कतरा कतरा तेरी शान में
खिले अमन के फूल और खुशहाल हो वतन
ये मुल्क मेरी जान, स्वाभिमान बता दूं
ए मेरे वतन तुझपे अपनी जान लूटा दूँ
तू ही मेरा रूतबा तू ही जमीर है
तुझसे मेरी दौलत और दिल अमीर है
इस दिल मे रहे अरमां तेरी शान का सदा
नही मुल्क से ज्यादा ये जान बता दूं
ए मेरे वतन तुझपे अपनी जान लूटा दूँ
और शान तिरंगे पे अपना खून बहा दूँ
~ ए मेरे वतन | महेंद्र सिंह कामा

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