चाँद जब निकले तो बादल भी संवर जाता है तेरे दीदार से दिल मेरा बहल जाता है हवा का झोंका जब खुश्बू के संग आता है तेरी नजदीकियों का पल वो...
चाँद जब निकले तो बादल भी संवर जाता है
तेरे दीदार से दिल मेरा बहल जाता है
हवा का झोंका जब खुश्बू के संग आता है
तेरी नजदीकियों का पल वो याद आता है
चाँद जब निकले तो बादल भी संवर जाता है
तेरे दीदार से दिल मेरा बहल जाता है
मेरी नज़रों से मिले जब भी तेरी ये नजर
ज़माने भर में बढ़ जाती है मेरी ये कदर
हंस के तू चल दे संग मेरे जब चार कदम
दिल का वो आलम खुशियों में बदल जाता है
चाँद जब निकले तो बादल भी संवर जाता है
तेरे दीदार से दिल मेरा बहल जाता है
तू नजरों में रहे तो धड़कती है ये धड़कन
दिखे ना एक पल जो बढ़े है दिल की तड़पन
तू आँखों की है मंजिल तू दिल का है ठिकाना
तेरा संग ही है सब कुछ जो दिल को भाता है
चाँद जब निकले तो बादल भी संवर जाता है
तेरे दीदार से दिल मेरा बहल जाता है
मेरी सुबह हो तुझसे शाम तुझपर खतम है
तू मेरे दिल की है धड़कन तू मेरा है शनम
मीत तू मेरा प्यारा रहा जन्मो जन्म है
दुप्पटा बादलों सा तेरा लहराता है
चाँद जब निकले तो बादल भी संवर जाता है
तेरे दीदार से दिल मेरा बहल जाता है
~ चांद जब निकले | महेंद्र सिंह कामा
तेरे दीदार से दिल मेरा बहल जाता है
मेरी नज़रों से मिले जब भी तेरी ये नजर
ज़माने भर में बढ़ जाती है मेरी ये कदर
हंस के तू चल दे संग मेरे जब चार कदम
दिल का वो आलम खुशियों में बदल जाता है
चाँद जब निकले तो बादल भी संवर जाता है
तेरे दीदार से दिल मेरा बहल जाता है
तू नजरों में रहे तो धड़कती है ये धड़कन
दिखे ना एक पल जो बढ़े है दिल की तड़पन
तू आँखों की है मंजिल तू दिल का है ठिकाना
तेरा संग ही है सब कुछ जो दिल को भाता है
चाँद जब निकले तो बादल भी संवर जाता है
तेरे दीदार से दिल मेरा बहल जाता है
मेरी सुबह हो तुझसे शाम तुझपर खतम है
तू मेरे दिल की है धड़कन तू मेरा है शनम
मीत तू मेरा प्यारा रहा जन्मो जन्म है
दुप्पटा बादलों सा तेरा लहराता है
चाँद जब निकले तो बादल भी संवर जाता है
तेरे दीदार से दिल मेरा बहल जाता है
~ चांद जब निकले | महेंद्र सिंह कामा
chand jab nikale to. Badal bhi sansar jata hai
Tere didaar se dil mera bahal jaata hai

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