तेरी दोस्ती के लिए, कुछ भी कर जाएंगे, तेरी हर खुशी के लिए, गम से भी लड़ जाएंगे। तू सलामत रहे, ये दुआ है मेरी , तेरी दोस्ती के लिए,कुछ भी कर...
तेरी दोस्ती के लिए, कुछ भी कर जाएंगे,
तेरी हर खुशी के लिए, गम से भी लड़ जाएंगे।
तू सलामत रहे, ये दुआ है मेरी ,
तेरी दोस्ती के लिए,कुछ भी कर जाएंगे।
मुश्किल में हम है सदा, संग में तेरे खड़े,
रिश्ते जब साथ ना दें, हम तेरे संग में चले।
मुश्किल दबाएगी जब जब, हम उभर जाएंगे,
तेरी दोस्ती के लिए, कुछ भी कर जाएंगे।
आंधियाँ लाख आएँ, कदम न डगमगाएँगे,
तेरे हर सपने को मिलकर हम सजाएँगे।
हार की हर राह से जीत बनकर आएँगे,
तेरी दोस्ती के लिए कुछ भी कर जाएंगे।
प्यार और विश्वास से संवरता है जीवन,
दौलत न शोहरत से रिश्ते ये तौले जाएंगे।
वक्त चाहे जैसा हो आए ,साथ निभाएंगे हम ,
तेरी दोस्ती के लिए,कुछ भी कर जाएंगे।
जब भी तेरी आँखों में आँसू हमको नज़र आएँगे,
अपनी हँसी देके तुझको ग़म को मिटाएँगे।
तेरे चेहरे की हंसी पर, सब कुछ लुटा जाएँगे,
तेरी दोस्ती के लिए कुछ भी कर जाएंगे।
साथ जब हम चले हैं तो मंज़िल भी संग पाएंगे,
तेरे राह के अंधेरों में हम, दीपक बन जाएंगे।
जीवन की हर डगर पर, याद हम बन जाएंगे,
तेरी दोस्ती के लिए कुछ भी कर जाएंगे।
~ तेरी दोस्ती | महेंद्र सिंह कामा



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