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बिजनोर में मूलनिवासी सभ्यता संघ का आगाज BIJNOR ME MSS KA AAGAZ | MULNIVASI NEWS

 बिजनोर में मूलनिवासी सभ्यता संघ का आगाज  आज दिनांक 17 जुलाई 2022 रविवार को नगीना के MM INTER COLLAGE में बामसेफ जिला कार्यकारिणी व तहसील व...


 बिजनोर में मूलनिवासी सभ्यता संघ का आगाज 



आज दिनांक 17 जुलाई 2022 रविवार को नगीना के MM INTER COLLAGE में बामसेफ जिला कार्यकारिणी व तहसील व ब्लाक स्तरीय कार्यकर्ताओं के साथ एक दिवसीय बामसेफ प्रशिक्षण मा. भूपेंद्र सिंह जी(MKKM) के द्वारा लिया गया जिसमे मूलनिवासी सभ्यता संघ के राष्ट्रिय कार्यकारिणी सदस्य मूलनिवासी महेंद्र सिंह कामा ने मूलनिवासी सभ्यता संघ के प्रचार प्रसार को करते हए बताया की मूलनिवासी सभ्यता संघ हमारी पेरेंट्स ऑर्गनिजेशन बामसेफ से भी ज्यादा जरूरी है MSS मूलनिवासी सभ्यता संघ क्योंकि बामसेफ पढ़े लिखे 

युवाओं व युवतियों को मूलनिवासी इतिहास पढता है उनका मार्गदर्शन करता है पर मूलनिवासी सभ्यता संघ का कार्य तो बच्चे के पैदा हो जाने के बाद से ही शुरू हो जाता है क्योंकी उसको मूलनिवासी बोली भाषा व्यवहार कलाचार की जानकारी देनी शुरू हो जाती है लोग जिस भी धर्म जाती में होते है उसकी वैक्सीन देना बचपन से ही शुरू कर देते है इसलिए मूलनिवासी सभ्यता संघ का कार्य तो बचपन से ही शुरू हो जाता है और वह निरंतर चलता रहता है जब तक वह बच्चा उस विचार में विकसित नही होता है इसलिए मूलनिवासी सभ्यता संघ का कार्य हमारी मदर ऑर्गनाइजेशन बामसेफ से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है समाज जीवन में उन्होंने की बामसेफ ने अपनी कई ऑफ़ शूट विंग बनायीं है ताकि मूलनिवासी लोगो की समस्याओं का समाधान करने में उनकी मदद करे जैसे मजदूर किसान व्यापारियों के लिए मूलनिवासी संघ , मूलनिवासी विद्यार्थियों के लिए मूलनिवासी विद्यार्थी संघ , मूलनिवासी कर्मचारियों के लिए मूलनिवासी कर्मचारी कल्याण महासंघ और मूलनिवासी सभ्यता को पुनः स्थापित करने के लिए मूलनिवासी सभ्यता संघ और बताया की विश्व में सबसे पुरानी सभ्यता सिंधू घाटी सभ्यता है  जिसकी झलक यूरोप की विकसित सभ्यता में भी दिखाई पड़ती है जबकि भारत में उस सभ्यता का विकास नही हो रहा जिस कारण से मूलनिवासी सभ्यता संघ ने अपनी सभ्यता को विकसित करने की जिम्मेदारी ली है और आज बिजनोर उत्तर प्रदेश में उसका आगाज बामसेफ के एक दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान किया और कहा की मूलनिवासी सभ्यता समाज जीवन में विकसित करने के लिए मूलनिवासी सभ्यता संघ का जनम हो गया है जिसके द्वारा हम समाज का निर्माण पाँच बिंदुओं पर करेंगे

कला  ART
साहित्य Literature
सामाजिक विज्ञान social science
खेल Sport
मानवीय मूल्य Human Value
साथ ही साथ बताया की हम उसे मूलनिवासी सभ्यता संघ का जन्म (BIRTH OF MSS) के रूप में औरंगाबाद महाराष्ट्र में ओक्टूबर के अंतिम सप्ताह 2022 को मनाने जा रहे है जो की बामसेफ मूलनिवासी संघ के अधिवेशनों से बिलकुल अदभुत होने वाला है जिसमे
फ़ूड फेस्टिवल , विभिन्न राज्यों के ड्रेस फेस्टिवल
गीत संगीत, नाटक , डोकोमेंट्री फ़िल्म , विभिन राजयिं के नृत्य महिलाओं के लिए मेहंदी टैटू और आभूषण फेस्टिवल के साथ साथ बुद्धिजीवी बामसेफ कार्यकर्ताओं के लिए कॉन्फ्रेंस सत्र देखने को मिलाने वाला है साथ ही सैट वहाँ पर मूलनिवासी मूवी बनाने वाले कई कलाकार व डारेक्टर भी वहाँ पर देखने को मिलने वाले है और पर्यटक की दृष्टि से ओरंगाबाद में बाबा साहेब के द्वारा निर्माण कराया मिलिंद कॉलेज और अजंता जैसी जगह देखने का अवसर मिलने वाला है जो जीवन को बहुत ही सुखद पल और रोमांचित करने वाला है जिसमे आने के लिए बिजनोर के समस्त कार्यकर्ताओं से आने की अपील की और बामसेफ का धन्यवाद दिया की देर से ही सही मूलनिवासी सभ्यता संघ बनाकर बामसेफ ने गैरबराबरी की भवना को विकसित करने वाली संस्कृति को कमजोर कर रीड की हड्डी तोड़ने का काम कर दिया है । और अपनी एक कविता....जय जय बामसेफ 

सुनाते हुए लोगों को बामसेफ व मूलनिवासी सभ्यता संघ की और प्रेरित किया  ।
जय भीम 
जय संविधान 
जय भारत  ।।

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