जब तू आए सामने, ये दिल धड़कता है ये खींचता है तेरी ओर, जाने क्यों मचलता है जब भी तू आए सामने ये दिल धड़कता है और खींचता है तेरी ओर जान...
जब तू आए सामने, ये दिल धड़कता है
ये खींचता है तेरी ओर, जाने क्यों मचलता है
जब भी तू आए सामने ये दिल धड़कता है
और खींचता है तेरी ओर जाने क्यों मचलता है
तेरे सपने संजोता है और ख्यालों में खोता है
तुझसे मिलने की ढूंढे वजह, ये ना रातों में सोता है
तेरे खत ये पढ़े छुपके हर अक्षर को छूके
अहसास करे तेरा और आहें भरता है
जब भी तू आए सामने ये दिल धड़कता है
और खींचता है तेरी ओर जाने क्यों मचलता है
तेरी एक झलक देखूं तो सकूं मिले मुझको
हर सांस में तेरा नाम एहसास नहीं तुझको
तेरे बिन राहें है सुनी, तेरे बिन दिल तन्हा है
ये खुमार तेरा मुझपे हर हाल रहता है
जब तू आए सामने ये दिल धड़कता है
और खींचता है तेरी ओर जाने क्यों मचलता है
सारे जहां की खुशी है मिले, तेरे आंचल को जब छू लू
तू दूर ना जाए कभी ना आए कभी फासले
तेरे दिल से मिला के दिल, ये सांसे करूं रंगीन
तेरा साया ही है देता मेरे पल को सुकून
जब भी तू आए सामने ये दिल धड़कता है
और खींचता है तेरी ओर जाने क्यों मचलता है
ये दिल धड़कता है | महेंद्र कामा
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